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सहीह मुस्लिम

नंबर 5160

नंबर 5160किताब 36, नंबर 34अरबी नंबरिंग 1989.01
حَدَّثَنَا زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، وَأَبُو كُرَيْبٍ - وَاللَّفْظُ لِزُهَيْرٍ - قَالاَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ عِكْرِمَةَ، بْنِ عَمَّارٍ عَنْ أَبِي كَثِيرٍ الْحَنَفِيِّ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ نَهَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنِ الزَّبِيبِ وَالتَّمْرِ وَالْبُسْرِ وَالتَّمْرِ وَقَالَ ‏ "‏ يُنْبَذُ كُلُّ وَاحِدٍ مِنْهُمَا عَلَى حِدَتِهِ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported that Allah's Messenger (ﷺ) forbade (the preparation of Nabidh) from grapes and dates, and unripe dates and dry dates (by mixing them together). He (the Prophet also) said:Prepare Nabidh from each one of them separately

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · The Book of Drinks

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।