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सहीह मुस्लिम

नंबर 5144

नंबर 5144किताब 36, नंबर 18अरबी नंबरिंग 1985.03
وَحَدَّثَنَا زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، وَأَبُو كُرَيْبٍ قَالاَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنِ الأَوْزَاعِيِّ، وَعِكْرِمَةَ، بْنِ عَمَّارٍ وَعُقْبَةَ بْنِ التَّوْأَمِ عَنْ أَبِي كَثِيرٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ الْخَمْرُ مِنْ هَاتَيْنِ الشَّجَرَتَيْنِ الْكَرْمَةِ وَالنَّخْلَةِ ‏"‏ ‏.‏ وَفِي رِوَايَةِ أَبِي كُرَيْبٍ ‏"‏ الْكَرْمِ وَالنَّخْلِ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:Wine comes from vine and date-palms. Abu Kuraib has narrated it with a slight variation of words

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · The Book of Drinks

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।