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सहीह मुस्लिम

नंबर 5141

नंबर 5141किताब 36, नंबर 15अरबी नंबरिंग 1984
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، وَمُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، - وَاللَّفْظُ لاِبْنِ الْمُثَنَّى - قَالاَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ سِمَاكِ بْنِ حَرْبٍ، عَنْ عَلْقَمَةَ بْنِ وَائِلٍ، عَنْ أَبِيهِ، وَائِلٍ الْحَضْرَمِيِّ، أَنَّ طَارِقَ بْنَ سُوَيْدٍ الْجُعْفِيَّ، سَأَلَ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم عَنِ الْخَمْرِ فَنَهَا أَوْ كَرِهَ أَنْ يَصْنَعَهَا فَقَالَ إِنَّمَا أَصْنَعُهَا لِلدَّوَاءِ فَقَالَ ‏ "‏ إِنَّهُ لَيْسَ بِدَوَاءٍ وَلَكِنَّهُ دَاءٌ ‏"‏ ‏.‏
Wa'il al-Hadrami reported that Tariq b. Suwaid a-Ju'fi asked Allah's Apostle (ﷺ) about liquor. He forbade (its use) and he expressed hatred that it should be prepared. He (Tariq) said:I prepare it as a medicine, whereupon he (the Holy Prophet) said: It is no medicine, but an ailment

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · The Book of Drinks

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।