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सहीह मुस्लिम

नंबर 5139

नंबर 5139किताब 36, नंबर 13अरबी नंबरिंग 1982
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ، - يَعْنِي الْحَنَفِيَّ - حَدَّثَنَا عَبْدُ الْحَمِيدِ، بْنُ جَعْفَرٍ حَدَّثَنِي أَبِي أَنَّهُ، سَمِعَ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ، يَقُولُ لَقَدْ أَنْزَلَ اللَّهُ الآيَةَ الَّتِي حَرَّمَ اللَّهُ فِيهَا الْخَمْرَ وَمَا بِالْمَدِينَةِ شَرَابٌ يُشْرَبُ إِلاَّ مِنْ تَمْرٍ ‏.‏
Anas b. Malik reported:Allah revealed the verse in which Allah prohibited the use of liquor. In those days no other liquor was drunk but that prepared from dates

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · The Book of Drinks

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।