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सहीह मुस्लिम

नंबर 5110

नंबर 5110किताब 35, नंबर 47अरबी नंबरिंग 1975.01
حَدَّثَنِي زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، حَدَّثَنَا مَعْنُ بْنُ عِيسَى، حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ صَالِحٍ، عَنْ أَبِي، الزَّاهِرِيَّةِ عَنْ جُبَيْرِ بْنِ نُفَيْرٍ، عَنْ ثَوْبَانَ، قَالَ ذَبَحَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ضَحِيَّتَهُ ثُمَّ قَالَ ‏ "‏ يَا ثَوْبَانُ أَصْلِحْ لَحْمَ هَذِهِ ‏"‏ ‏.‏ فَلَمْ أَزَلْ أُطْعِمُهُ مِنْهَا حَتَّى قَدِمَ الْمَدِينَةَ ‏.‏
Thauban reported that Allah's Messenger (way peace be upon him) slaughtered his sacrificial animal and then said:Thauban, make his meat usable (for journey), and I continuously served him that until he arrived in Medina

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 35 · The Book of Sacrifices

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।