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सहीह मुस्लिम

नंबर 5088

नंबर 5088किताब 35, नंबर 25अरबी नंबरिंग 1966.02
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، أَخْبَرَنَا وَكِيعٌ، عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ ضَحَّى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِكَبْشَيْنِ أَمْلَحَيْنِ أَقْرَنَيْنِ قَالَ وَرَأَيْتُهُ يَذْبَحُهُمَا بِيَدِهِ وَرَأَيْتُهُ وَاضِعًا قَدَمَهُ عَلَى صِفَاحِهِمَا قَالَ وَسَمَّى وَكَبَّرَ ‏.‏
Anas reported that Allah's Messenger (ﷺ) sacrificed two horned rams of white colour with black markings over them. He also stated:I saw him sacrificing them with his own hand and saw him placing his foot on their sides, and recited the name of Allah and Glorified Him

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 35 · The Book of Sacrifices

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।