सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 5075

नंबर 5075किताब 35, नंबर 12अरबी नंबरिंग 1961.07
وَحَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، وَهَنَّادُ بْنُ السَّرِيِّ، قَالاَ حَدَّثَنَا أَبُو الأَحْوَصِ، ح وَحَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَإِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، جَمِيعًا عَنْ جَرِيرٍ، كِلاَهُمَا عَنْ مَنْصُورٍ، عَنِ الشَّعْبِيِّ، عَنِ الْبَرَاءِ بْنِ عَازِبٍ، قَالَ خَطَبَنَا رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِي يَوْمِ النَّحْرِ بَعْدَ الصَّلاَةِ ‏.‏ ثُمَّ ذَكَرَ نَحْوَ حَدِيثِهِمْ ‏.‏
al-Bara' b. 'Azib reported:Allah's Messenger (ﷺ) addressed us on the day of Nahr after the ('Id) prayer. The rest of the hadith is the same

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 35 · The Book of Sacrifices

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।