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सहीह मुस्लिम

नंबर 5056

नंबर 5056किताब 34, नंबर 85अरबी नंबरिंग 1955.02
وَحَدَّثَنَاهُ يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ، ح وَحَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ الثَّقَفِيُّ، ح وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ نَافِعٍ، حَدَّثَنَا غُنْدَرٌ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، ح وَحَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الدَّارِمِيُّ، أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يُوسُفَ، عَنْ سُفْيَانَ، ح وَحَدَّثَنَا إِسْحَاقُ، بْنُ إِبْرَاهِيمَ أَخْبَرَنَا جَرِيرٌ، عَنْ مَنْصُورٍ، كُلُّ هَؤُلاَءِ عَنْ خَالِدٍ الْحَذَّاءِ، بِإِسْنَادِ حَدِيثِ ابْنِ عُلَيَّةَ وَمَعْنَى حَدِيثِهِ ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of Khalid al-Hadhdha' through different chains o transmitters

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · The Book of Hunting, Slaughter, and what may be Eaten

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।