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सहीह मुस्लिम

नंबर 5013

नंबर 5013किताब 34, नंबर 42अरबी नंबरिंग 1938.02
وَحَدَّثَنَا ابْنُ الْمُثَنَّى، وَابْنُ، بَشَّارٍ قَالاَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، قَالَ قَالَ الْبَرَاءُ أَصَبْنَا يَوْمَ خَيْبَرَ حُمُرًا فَنَادَى مُنَادِي رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَنِ اكْفَئُوا الْقُدُورَ ‏.‏
Al-Bara' said:We found on the Day of Khaibar domestic asses, and the announcer of the Messenger of Allah (ﷺ) made an announcement that the earthen pots should be turned over

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · The Book of Hunting, Slaughter, and what may be Eaten

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।