सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 4991

नंबर 4991किताब 34, नंबर 20अरबी नंबरिंग 1932.04
وَحَدَّثَنِيهِ أَبُو الطَّاهِرِ، أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي مَالِكُ بْنُ أَنَسٍ، وَابْنُ أَبِي ذِئْبٍ، وَعَمْرُو بْنُ الْحَارِثِ وَيُونُسُ بْنُ يَزِيدَ وَغَيْرُهُمْ ح وَحَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ، وَعَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، عَنْ عَبْدِ الرَّزَّاقِ، عَنْ مَعْمَرٍ، ح وَحَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، أَخْبَرَنَا يُوسُفُ بْنُ الْمَاجِشُونِ، ح وَحَدَّثَنَا الْحُلْوَانِيُّ، وَعَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، عَنْ يَعْقُوبَ بْنِ إِبْرَاهِيمَ بْنِ سَعْدٍ، حَدَّثَنَا أَبِي، عَنْ صَالِحٍ، كُلُّهُمْ عَنِ الزُّهْرِيِّ، بِهَذَا الإِسْنَادِ ‏.‏ مِثْلَ حَدِيثِ يُونُسَ وَعَمْرٍو كُلُّهُمْ ذَكَرَ الأَكْلَ إِلاَّ صَالِحًا وَيُوسُفَ فَإِنَّ حَدِيثَهُمَا نَهَى عَنْ كُلِّ ذِي نَابٍ مِنَ السَّبُعِ ‏.‏
This hadith has been narrated through several other chains of transmitters, but some of the chains have a slight variation of words

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · The Book of Hunting, Slaughter, and what may be Eaten

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।