सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 4961

नंबर 4961किताब 33, नंबर 256अरबी नंबरिंग 1927
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ بْنِ قَعْنَبٍ، وَإِسْمَاعِيلُ بْنُ أَبِي أُوَيْسٍ، وَأَبُو مُصْعَبٍ الزُّهْرِيُّ وَمَنْصُورُ بْنُ أَبِي مُزَاحِمٍ وَقُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ قَالُوا حَدَّثَنَا مَالِكٌ، ح وَحَدَّثَنَا يَحْيَى، بْنُ يَحْيَى التَّمِيمِيُّ - وَاللَّفْظُ لَهُ - قَالَ قُلْتُ لِمَالِكٍ حَدَّثَكَ سُمَىٌّ عَنْ أَبِي صَالِحٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ السَّفَرُ قِطْعَةٌ مِنَ الْعَذَابِ يَمْنَعُ أَحَدَكُمْ نَوْمَهُ وَطَعَامَهُ وَشَرَابَهُ فَإِذَا قَضَى أَحَدُكُمْ نَهْمَتَهُ مِنْ وَجْهِهِ فَلْيُعَجِّلْ إِلَى أَهْلِهِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ نَعَمْ ‏.‏
On the authority of Abu Huraira that the Prophet (ﷺ) said:Travelling is a tortuous experience. It deprives a person of his sleep. his food and drink. When one of you has accomplished his purpose, he should hasten his return to his family

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · The Book on Government

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।