सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 4951

नंबर 4951किताब 33, नंबर 246अरबी नंबरिंग 1921.01
وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، وَعَبْدَةُ كِلاَهُمَا عَنْ إِسْمَاعِيلَ بْنِ أَبِي خَالِدٍ، ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ، - وَاللَّفْظُ لَهُ - حَدَّثَنَا مَرْوَانُ، - يَعْنِي الْفَزَارِيَّ - عَنْ إِسْمَاعِيلَ، عَنْ قَيْسٍ، عَنِ الْمُغِيرَةِ، قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ لَنْ يَزَالَ قَوْمٌ مِنْ أُمَّتِي ظَاهِرِينَ عَلَى النَّاسِ حَتَّى يَأْتِيَهُمْ أَمْرُ اللَّهِ وَهُمْ ظَاهِرُونَ ‏"‏ ‏.‏
It has been narrated on the authority of Mughira who said:I heard the Messenger of Allah (ﷺ) say: A group of people from my Umma will continue to be triumphant over the people until the Command of Allah overtakes them while they are still triumphant

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · The Book on Government

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।