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सहीह मुस्लिम

नंबर 4944

नंबर 4944किताब 33, नंबर 239अरबी नंबरिंग 1916.01
حَدَّثَنَا حَامِدُ بْنُ عُمَرَ الْبَكْرَاوِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَاحِدِ، - يَعْنِي ابْنَ زِيَادٍ - حَدَّثَنَا عَاصِمٌ، عَنْ حَفْصَةَ بِنْتِ سِيرِينَ، قَالَتْ قَالَ لِي أَنَسُ بْنُ مَالِكٍ بِمَا مَاتَ يَحْيَى بْنُ أَبِي عَمْرَةَ قَالَتْ قُلْتُ بِالطَّاعُونِ ‏.‏ قَالَتْ فَقَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ الطَّاعُونُ شَهَادَةٌ لِكُلِّ مُسْلِمٍ ‏"‏ ‏.‏
It has been narrated on the authority of Hafsa daughter of Sirin who said:Anas b. Malik asked me the cause of death of Yahya b. 'Abu 'Amra. I said: (He died) of plague. He said: The Messenger of Allah (ﷺ) said that death by plague is martyrdom for a Muslim

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · The Book on Government

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।