सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 4937

नंबर 4937किताब 33, नंबर 232अरबी नंबरिंग 1912.04
وَحَدَّثَنِي يَحْيَى بْنُ أَيُّوبَ، وَقُتَيْبَةُ، وَابْنُ، حُجْرٍ قَالُوا حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، - وَهُوَ ابْنُ جَعْفَرٍ - عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، أَنَّهُ سَمِعَ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ، يَقُولُ أَتَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ابْنَةَ مِلْحَانَ خَالَةَ أَنَسٍ فَوَضَعَ رَأْسَهُ عِنْدَهَا ‏.‏ وَسَاقَ الْحَدِيثَ بِمَعْنَى حَدِيثِ إِسْحَاقَ بْنِ أَبِي طَلْحَةَ وَمُحَمَّدِ بْنِ يَحْيَى بْنِ حَبَّانَ ‏.‏
It has been reported by 'Abdullah b. 'Abd al-Rahman that he heard Anas b. Malik say:The Messenger of Allah (ﷺ) paid a visit to Milhan's daughter, maternal aunt of Anas (and the sister of the Holy Prophet's foster-mother). He placed his head near her (from this point onward, the narrator carried on the previous tradition to its end)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · The Book on Government

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।