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सहीह मुस्लिम

नंबर 4883

नंबर 4883किताब 33, नंबर 179अरबी नंबरिंग 1886.01
حَدَّثَنَا زَكَرِيَّاءُ بْنُ يَحْيَى بْنِ صَالِحٍ الْمِصْرِيُّ، حَدَّثَنَا الْمُفَضَّلُ، - يَعْنِي ابْنَ فَضَالَةَ - عَنْ عَيَّاشٍ، - وَهُوَ ابْنُ عَبَّاسٍ الْقِتْبَانِيُّ - عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ يَزِيدَ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْحُبُلِيِّ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرِو بْنِ الْعَاصِ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ يُغْفَرُ لِلشَّهِيدِ كُلُّ ذَنْبٍ إِلاَّ الدَّيْنَ ‏"‏ ‏.‏
It has been reported on the authority of 'Amr b. al-'As that the Messenger of Allah (ﷺ) said:All the sins of a Shahid (martyr) are forgiven except debt

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · The Book on Government

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।