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सहीह मुस्लिम

नंबर 4838

नंबर 4838किताब 33, नंबर 134अरबी नंबरिंग 1868.02
وَحَدَّثَنَاهُ أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ إِدْرِيسَ، وَعَبْدُ الرَّحِيمِ بْنُ، سُلَيْمَانَ ح وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ، - يَعْنِي الثَّقَفِيَّ - جَمِيعًا عَنْ عُبَيْدِ، اللَّهِ بِهَذَا الإِسْنَادِ غَيْرَ أَنَّ فِي حَدِيثِهِمْ وَأَنَا ابْنُ أَرْبَعَ عَشْرَةَ سَنَةً فَاسْتَصْغَرَنِي ‏.‏
This tradition has been handed down through a different chain Of transmitters with the following change in the wording:" I was fourteen years old and he thought me too young (to participate in the fight)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · The Book on Government

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।