सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 4833

नंबर 4833किताब 33, नंबर 129अरबी नंबरिंग 1865.02
وَحَدَّثَنَاهُ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الدَّارِمِيُّ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يُوسُفَ، عَنِ الأَوْزَاعِيِّ، بِهَذَا الإِسْنَادِ ‏.‏ مِثْلَهُ غَيْرَ أَنَّهُ قَالَ ‏"‏ إِنَّ اللَّهَ لَنْ يَتِرَكَ مِنْ عَمَلِكَ شَيْئًا ‏"‏ ‏.‏ وَزَادَ فِي الْحَدِيثِ قَالَ ‏"‏ فَهَلْ تَحْلُبُهَا يَوْمَ وِرْدِهَا ‏"‏ ‏.‏ قَالَ نَعَمْ ‏.‏
This tradition has been handed down through a different chain of transmitter with the addition of the following words at the end:" Do you milk them on the day they arrive at the water? He replied: Yes

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · The Book on Government

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।