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सहीह मुस्लिम

नंबर 4778

नंबर 4778किताब 33, नंबर 76अरबी नंबरिंग 1844.03
وَحَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ، حَدَّثَنَا أَبُو الْمُنْذِرِ، إِسْمَاعِيلُ بْنُ عُمَرَ حَدَّثَنَا يُونُسُ بْنُ، أَبِي إِسْحَاقَ الْهَمْدَانِيُّ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ أَبِي السَّفَرِ، عَنْ عَامِرٍ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَبْدِ، رَبِّ الْكَعْبَةِ الصَّائِدِيِّ قَالَ رَأَيْتُ جَمَاعَةً عِنْدَ الْكَعْبَةِ ‏.‏ فَذَكَرَ نَحْوَ حَدِيثِ الأَعْمَشِ ‏.‏
It has been narrated on the authority of 'Abd Rabb al-Ka'ba as-Sa'idl who said:I saw a group of people near the Ka'ba.... Then he narrated the tradition as narrated by A'mash

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · The Book on Government

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।