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सहीह मुस्लिम

नंबर 4756

नंबर 4756किताब 33, नंबर 54अरबी नंबरिंग 1837.02
وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، ح وَحَدَّثَنَا إِسْحَاقُ، أَخْبَرَنَا النَّضْرُ، بْنُ شُمَيْلٍ جَمِيعًا عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ أَبِي عِمْرَانَ، بِهَذَا الإِسْنَادِ وَقَالاَ فِي الْحَدِيثِ عَبْدًا حَبَشِيًّا مُجَدَّعَ الأَطْرَافِ ‏.‏
In another version of the tradition, we have the wording:" An Abyssinian slave maimed and disabled

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · The Book on Government

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।