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सहीह मुस्लिम

नंबर 4753

नंबर 4753किताब 33, नंबर 51अरबी नंबरिंग 1835.07
وَحَدَّثَنِي أَبُو الطَّاهِرِ، أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ، عَنْ حَيْوَةَ، أَنَّ أَبَا يُونُسَ، مَوْلَى أَبِي هُرَيْرَةَ حَدَّثَهُ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا هُرَيْرَةَ، يَقُولُ عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِذَلِكَ وَقَالَ ‏ "‏ مَنْ أَطَاعَ الأَمِيرَ ‏"‏ ‏.‏ وَلَمْ يَقُلْ أَمِيرِي وَكَذَلِكَ فِي حَدِيثِ هَمَّامٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ ‏.‏
According to one version of the tradition, the Messenger of Allah (ﷺ) said:Whoso obeys the commander. He did not say:" My commander

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · The Book on Government

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।