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सहीह मुस्लिम

नंबर 4611

नंबर 4611किताब 32, नंबर 93अरबी नंबरिंग 1774.03
وَحَدَّثَنِيهِ نَصْرُ بْنُ عَلِيٍّ الْجَهْضَمِيُّ، أَخْبَرَنِي أَبِي، حَدَّثَنِي خَالِدُ بْنُ قَيْسٍ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسٍ، وَلَمْ يَذْكُرْ وَلَيْسَ بِالنَّجَاشِيِّ الَّذِي صَلَّى عَلَيْهِ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
It has been narrated on the authority of the same narrator through another chain of transmitters with the same difference in the wording

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 32 · The Book of Jihad and Expeditions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।