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सहीह मुस्लिम

नंबर 4537

नंबर 4537किताब 32, नंबर 18अरबी नंबरिंग 1738.01
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، وَعُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ خُلَيْدٍ، عَنْ أَبِي نَضْرَةَ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لِكُلِّ غَادِرٍ لِوَاءٌ عِنْدَ اسْتِهِ يَوْمَ الْقِيَامَةِ ‏"‏ ‏.‏
It is narrated on the authority of Abu Sa'id that the Messenger of Allah (ﷺ) said:On the Day of Judgment there will be a flag fixed behind the buttocks of every person guilty of the breach of faith

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 32 · The Book of Jihad and Expeditions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।