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सहीह मुस्लिम

नंबर 4533

नंबर 4533किताब 32, नंबर 14अरबी नंबरिंग 1736.01
وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، وَابْنُ، بَشَّارٍ قَالاَ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عَدِيٍّ، ح وَحَدَّثَنِي بِشْرُ، بْنُ خَالِدٍ أَخْبَرَنَا مُحَمَّدٌ، - يَعْنِي ابْنَ جَعْفَرٍ - كِلاَهُمَا عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ سُلَيْمَانَ، عَنْ أَبِي وَائِلٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لِكُلِّ غَادِرٍ لِوَاءٌ يَوْمَ الْقِيَامَةِ يُقَالُ هَذِهِ غَدْرَةُ فُلاَنٍ ‏"‏ ‏.‏
Abdullah reported Allah's Prophet (ﷺ) as saying:There will be a flag for every perfidious person on the Day of Judgment, and it would be said: Here is the perfidy of so and so

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 32 · The Book of Jihad and Expeditions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।