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सहीह मुस्लिम

नंबर 836

नंबर 836किताब 3, नंबर 157अरबी नंबरिंग 376.04
حَدَّثَنِي أَحْمَدُ بْنُ سَعِيدِ بْنِ صَخْرٍ الدَّارِمِيُّ، حَدَّثَنَا حَبَّانُ، حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، عَنْ ثَابِتٍ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّهُ قَالَ أُقِيمَتْ صَلاَةُ الْعِشَاءِ فَقَالَ رَجُلٌ لِي حَاجَةٌ ‏.‏ فَقَامَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم يُنَاجِيهِ حَتَّى نَامَ الْقَوْمُ - أَوْ بَعْضُ الْقَوْمِ - ثُمَّ صَلَّوْا ‏.‏
Anas reported:(The people) stood up for the night prayer when a man spoke forth: I need to say something. The Apostle of Allah (ﷺ) entered into secret conversation with him, till the people dozed off or some of the people (dozed off), and then they said the prayer

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 3 · The Book of Menstruation

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।