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सहीह मुस्लिम

नंबर 807

नंबर 807किताब 3, नंबर 128अरबी नंबरिंग 363.02
وَحَدَّثَنِي أَبُو الطَّاهِرِ، وَحَرْمَلَةُ، قَالاَ حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي يُونُسُ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُتْبَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَجَدَ شَاةً مَيْتَةً أُعْطِيَتْهَا مَوْلاَةٌ لِمَيْمُونَةَ مِنَ الصَّدَقَةِ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ هَلاَّ انْتَفَعْتُمْ بِجِلْدِهَا ‏"‏ ‏.‏ قَالُوا إِنَّهَا مَيْتَةٌ ‏.‏ فَقَالَ ‏"‏ إِنَّمَا حَرُمَ أَكْلُهَا ‏"‏ ‏.‏
Ibn 'Abbas said:The Messenger of Allah (ﷺ) saw a dead goat, which had been given in charity to the freed slave-girl of Maimuna. The Messenger of Allah (ﷺ) said: Why don't you make use of its skin? They (the Companions around the Holy Prophet) said: It is dead. Upon this he said: It is the eating (of the dead animal) which is prohibited

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 3 · The Book of Menstruation

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।