قَالَ ابْنُ شِهَابٍ أَخْبَرَنِي سَعِيدُ بْنُ خَالِدِ بْنِ عَمْرِو بْنِ عُثْمَانَ، وَأَنَا أُحَدِّثُهُ، هَذَا الْحَدِيثَ . أَنَّهُ سَأَلَ عُرْوَةَ بْنَ الزُّبَيْرِ عَنِ الْوُضُوءِ، مِمَّا مَسَّتِ النَّارُ فَقَالَ عُرْوَةُ سَمِعْتُ عَائِشَةَ، زَوْجَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم تَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم " تَوَضَّئُوا مِمَّا مَسَّتِ النَّارُ " .
Urwa reported on the authority of'A'isha, the wife of the Messenger of Allah (ﷺ), saying this:The Messenger of Allah (ﷺ) said. Perform ablution (after eating) anything touched by fire
स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।