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सहीह मुस्लिम

नंबर 783

नंबर 783किताब 3, नंबर 105अरबी नंबरिंग 348.01
وَحَدَّثَنِي زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، وَأَبُو غَسَّانَ الْمِسْمَعِيُّ ح وَحَدَّثَنَاهُ مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، وَابْنُ، بَشَّارٍ قَالُوا حَدَّثَنَا مُعَاذُ بْنُ هِشَامٍ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبِي، عَنْ قَتَادَةَ، وَمَطَرٍ، عَنِ الْحَسَنِ، عَنْ أَبِي رَافِعٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ نَبِيَّ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏"‏ إِذَا جَلَسَ بَيْنَ شُعَبِهَا الأَرْبَعِ ثُمَّ جَهَدَهَا فَقَدْ وَجَبَ عَلَيْهِ الْغُسْلُ ‏"‏ ‏.‏ وَفِي حَدِيثِ مَطَرٍ ‏"‏ وَإِنْ لَمْ يُنْزِلْ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ زُهَيْرٌ مِنْ بَيْنِهِمْ ‏"‏ بَيْنَ أَشْعُبِهَا الأَرْبَعِ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported:The Apostle of Allah (ﷺ) said: When a man has sexual intercourse, bathing becomes obligatory (both for the male and the female). In the hadith of Matar the words are: Even if there is no orgasm. Zuhair has narrated it with a minor alteration of words

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 3 · The Book of Menstruation

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।