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सहीह मुस्लिम

नंबर 684

नंबर 684किताब 3, नंबर 6अरबी नंबरिंग 297.01
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، قَالَ قَرَأْتُ عَلَى مَالِكٍ عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ عُرْوَةَ، عَنْ عَمْرَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ كَانَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم إِذَا اعْتَكَفَ يُدْنِي إِلَىَّ رَأْسَهُ فَأُرَجِّلُهُ وَكَانَ لاَ يَدْخُلُ الْبَيْتَ إِلاَّ لِحَاجَةِ الإِنْسَانِ ‏.‏
It is reported from 'A'isha that she observed:When the Messenger of Allah (ﷺ) was in I'tikaf, he inclined his head towards me and I combedhis hair, and he did not enter the house but for the natural calls (for relieving himself)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 3 · The Book of Menstruation

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।