सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 4452

नंबर 4452किताब 29, नंबर 55अरबी नंबरिंग 1706.01
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، وَمُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، قَالَ سَمِعْتُ قَتَادَةَ، يُحَدِّثُ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم أُتِيَ بِرَجُلٍ قَدْ شَرِبَ الْخَمْرَ فَجَلَدَهُ بِجَرِيدَتَيْنِ نَحْوَ أَرْبَعِينَ ‏.‏ قَالَ وَفَعَلَهُ أَبُو بَكْرٍ فَلَمَّا كَانَ عُمَرُ اسْتَشَارَ النَّاسَ فَقَالَ عَبْدُ الرَّحْمَنِ أَخَفَّ الْحُدُودِ ثَمَانِينَ ‏.‏ فَأَمَرَ بِهِ عُمَرُ ‏.‏
अनस बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अंहा) का वर्णन है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास एक व्यक्ति को लाया गया, जिसने शराब पी रखी थी। आपने उसे खजूर की दो शाखाओं से लगभग चालीस बार मारा। वर्णनकर्ता कहते हैं कि अबू बक्र (रज़ियल्लाहु अंहु) ने भी इसी पर अमल किया। फिर जब उमर (रज़ियल्लाहु अंहु) का दौर आया, तो उन्होंने लोगों से मश्विरा किया। चुनांचे अब्दुर रहमान बिन औफ़ ने कहाः सबसे हल्की हद चालीस कोड़े हैं। अतः, उमर (रज़ियल्लाहु अंहु) ने उसी का आदेश दे दिया।

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 29 · The Book of Legal Punishments

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।