सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 4449

नंबर 4449किताब 29, नंबर 52अरबी नंबरिंग 1704.02
حَدَّثَنِي عَمْرٌو النَّاقِدُ، حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ بْنِ سَعْدٍ، حَدَّثَنِي أَبِي، عَنْ صَالِحٍ، ح وَحَدَّثَنَا عَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ، كِلاَهُمَا عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ عُبَيْدِ، اللَّهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، وَزَيْدِ بْنِ خَالِدٍ الْجُهَنِيِّ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ‏.‏ بِمِثْلِ حَدِيثِ مَالِكٍ وَالشَّكُّ فِي حَدِيثِهِمَا جَمِيعًا فِي بَيْعِهَا فِي الثَّالِثَةِ أَوِ الرَّابِعَةِ ‏.‏
This hadith has been transmitted on the authority of Abu Huraira and Zaid b. Khalid al-Juhani in the same way as transmitted by Malik with this (difference) tnat there is a doubt whether her sale (that of the slave-girl committing adultery) was mentioned after the third or the fourth time

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · The Book of Legal Punishments

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।