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सहीह मुस्लिम

नंबर 4417

नंबर 4417किताब 29, नंबर 20अरबी नंबरिंग 1690.04
وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، وَابْنُ، بَشَّارٍ قَالاَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، ح وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا مُعَاذُ بْنُ هِشَامٍ، حَدَّثَنِي أَبِي كِلاَهُمَا، عَنْ قَتَادَةَ، بِهَذَا الإِسْنَادِ ‏.‏ غَيْرَ أَنَّ فِي، حَدِيثِهِمَا ‏ "‏ الْبِكْرُ يُجْلَدُ وَيُنْفَى وَالثَّيِّبُ يُجْلَدُ وَيُرْجَمُ ‏"‏ ‏.‏ لاَ يَذْكُرَانِ سَنَةً وَلاَ مِائَةً ‏
This hadith has been reported on the authority of Qatada with the same chain of transmitters except with this variation that the unmarried is to be lashed and exiled, and the married one is to be lashed and stoned. There is neither any mention of one year nor that of one hundred

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · The Book of Legal Punishments

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।