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सहीह मुस्लिम

नंबर 4409

नंबर 4409किताब 29, नंबर 12अरबी नंबरिंग 1687.02
حَدَّثَنَا عَمْرٌو النَّاقِدُ، وَإِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، وَعَلِيُّ بْنُ خَشْرَمٍ، كُلُّهُمْ عَنْ عِيسَى، بْنِ يُونُسَ عَنِ الأَعْمَشِ، بِهَذَا الإِسْنَادِ ‏.‏ مِثْلَهُ غَيْرَ أَنَّهُ يَقُولُ ‏ "‏ إِنْ سَرَقَ حَبْلاً وَإِنْ سَرَقَ بَيْضَةً ‏"‏ ‏.‏
This hadith is narrated on the authority of A'mash with the same chain of transmitters with a slight variation of words

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · The Book of Legal Punishments

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।