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सहीह मुस्लिम

नंबर 4341

नंबर 4341किताब 27, नंबर 88अरबी नंबरिंग 997.06
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا الْمُغِيرَةُ، - يَعْنِي الْحِزَامِيَّ - عَنْ عَبْدِ الْمَجِيدِ بْنِ، سُهَيْلٍ عَنْ عَطَاءِ بْنِ أَبِي رَبَاحٍ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، ح. وَحَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ هَاشِمٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى، - يَعْنِي ابْنَ سَعِيدٍ - عَنِ الْحُسَيْنِ بْنِ، ذَكْوَانَ الْمُعَلِّمِ حَدَّثَنِي عَطَاءٌ، عَنْ جَابِرٍ، ح. وَحَدَّثَنِي أَبُو غَسَّانَ الْمِسْمَعِيُّ، حَدَّثَنَا مُعَاذٌ، حَدَّثَنِي أَبِي، عَنْ مَطَرٍ، عَنْ عَطَاءِ بْنِ، أَبِي رَبَاحٍ وَأَبِي الزُّبَيْرِ وَعَمْرِو بْنِ دِينَارٍ أَنَّ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ، حَدَّثَهُمْ فِي، بَيْعِ الْمُدَبَّرِ ‏.‏ كُلُّ هَؤُلاَءِ قَالَ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم بِمَعْنَى حَدِيثِ حَمَّادٍ وَابْنِ عُيَيْنَةَ عَنْ عَمْرٍو عَنْ جَابِرٍ ‏.‏
This hadith has been narrated from Allah's Messenger (ﷺ) through other chains of transmitters

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · The Book of Oaths

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।