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सहीह मुस्लिम

नंबर 4316

नंबर 4316किताब 27, नंबर 63अरबी नंबरिंग 1662
وَحَدَّثَنِي أَبُو الطَّاهِرِ، أَحْمَدُ بْنُ عَمْرِو بْنِ سَرْحٍ أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنَا عَمْرُو، بْنُ الْحَارِثِ أَنَّ بُكَيْرَ بْنَ الأَشَجِّ، حَدَّثَهُ عَنِ الْعَجْلاَنِ، مَوْلَى فَاطِمَةَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُ قَالَ ‏ "‏ لِلْمَمْلُوكِ طَعَامُهُ وَكِسْوَتُهُ وَلاَ يُكَلَّفُ مِنَ الْعَمَلِ إِلاَّ مَا يُطِيقُ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:It is essential to feed the slave, clothe him (properly) and not burden him with work which is beyond his power

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · The Book of Oaths

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।