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सहीह मुस्लिम

नंबर 4283

नंबर 4283किताब 27, नंबर 30अरबी नंबरिंग 1653.01
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، وَعَمْرٌو النَّاقِدُ، - قَالَ يَحْيَى أَخْبَرَنَا هُشَيْمُ بْنُ بَشِيرٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي صَالِحٍ، وَقَالَ، عَمْرٌو حَدَّثَنَا هُشَيْمُ بْنُ بَشِيرٍ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ أَبِي صَالِحٍ، - عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ يَمِينُكَ عَلَى مَا يُصَدِّقُكَ عَلَيْهِ صَاحِبُكَ ‏"‏ ‏.‏ وَقَالَ عَمْرٌو ‏"‏ يُصَدِّقُكَ بِهِ صَاحِبُكَ ‏"‏ ‏.‏
Abu Haraira reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:Your oath should be about something regarding which your companion will believe you. 'Amr said: By which your companion will believe you

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · The Book of Oaths

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।