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सहीह मुस्लिम

नंबर 4257

नंबर 4257किताब 27, नंबर 4अरबी नंबरिंग 1646.04
وَحَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا لَيْثٌ، ح وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رُمْحٍ، - وَاللَّفْظُ لَهُ - أَخْبَرَنَا اللَّيْثُ، عَنْ نَافِعٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُ أَدْرَكَ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ فِي رَكْبٍ وَعُمَرُ يَحْلِفُ بِأَبِيهِ فَنَادَاهُمْ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ أَلاَ إِنَّ اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ يَنْهَاكُمْ أَنْ تَحْلِفُوا بِآبَائِكُمْ فَمَنْ كَانَ حَالِفًا فَلْيَحْلِفْ بِاللَّهِ أَوْ لِيَصْمُتْ ‏"‏
Abdullah (b. Umar) reported that Allah's Messenger (ﷺ) found, Umar b. al-Khattab amongst the riders and he was taking oath by his father Allah's Messenger (ﷺ) called them (saying) ; Our Allah, the Exated and Majestic, has forbidden you that you take oath by your father. He who bag to take an oath, he must take it by Allah or keep quiet

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · The Book of Oaths

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।