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सहीह मुस्लिम

नंबर 4242

नंबर 4242किताब 26, नंबर 8अरबी नंबरिंग 1640.02
وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، وَابْنُ، بَشَّارٍ قَالاَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، قَالَ سَمِعْتُ الْعَلاَءَ، يُحَدِّثُ عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُ نَهَى عَنِ النَّذْرِ وَقَالَ ‏ "‏ إِنَّهُ لاَ يَرُدُّ مِنَ الْقَدَرِ وَإِنَّمَا يُسْتَخْرَجُ بِهِ مِنَ الْبَخِيلِ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported Allah's Messenger (ﷺ) forbidding taking of vows, and said:It does not avert Fate, but is the means by which something is extracted from the miser

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · The Book of Vows

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।