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सहीह मुस्लिम

नंबर 4221

नंबर 4221किताब 25, नंबर 18अरबी नंबरिंग 1004.04
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بِشْرٍ، حَدَّثَنَا هِشَامٌ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّ رَجُلاً، أَتَى النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ أُمِّيَ افْتُلِتَتْ نَفْسُهَا وَلَمْ تُوصِ وَأَظُنُّهَا لَوْ تَكَلَّمَتْ تَصَدَّقَتْ أَفَلَهَا أَجْرٌ إِنْ تَصَدَّقْتُ عَنْهَا قَالَ ‏ "‏ نَعَمْ ‏"‏
A'isha (Allah be pleased with her) reported that a man came to Allah's Apostle (ﷺ) and said:Allah's Messenger, my mother died all of a sudden without making any will. I think if (she could have the opportunity) to speak she would have made a Sadaqa. Would there be any reward for her if I give charity on her behalf? He (the Holy Prophet) said: Yes

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · The Book of Wills

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।