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सहीह मुस्लिम

नंबर 4206

नंबर 4206किताब 25, नंबर 3अरबी नंबरिंग 1627.03
وَحَدَّثَنَا أَبُو كَامِلٍ الْجَحْدَرِيُّ، حَدَّثَنَا حَمَّادٌ يَعْنِي ابْنَ زَيْدٍ، ح وَحَدَّثَنِي زُهَيْرُ بْنُ، حَرْبٍ حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، - يَعْنِي ابْنَ عُلَيَّةَ - كِلاَهُمَا عَنْ أَيُّوبَ، ح وَحَدَّثَنِي أَبُو الطَّاهِرِ، أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي يُونُسُ، ح وَحَدَّثَنِي هَارُونُ بْنُ سَعِيدٍ الأَيْلِيُّ، حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي أُسَامَةُ بْنُ زَيْدٍ اللَّيْثِيُّ، ح وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي فُدَيْكٍ، أَخْبَرَنَا هِشَامٌ، - يَعْنِي ابْنَ سَعْدٍ - كُلُّهُمْ عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ‏.‏ بِمِثْلِ حَدِيثِ عُبَيْدِ اللَّهِ وَقَالُوا جَمِيعًا ‏"‏ لَهُ شَىْءٌ يُوصِي فِيهِ ‏"‏ ‏.‏ إِلاَّ فِي حَدِيثِ أَيُّوبَ فَإِنَّهُ قَالَ ‏"‏ يُرِيدُ أَنْ يُوصِيَ فِيهِ ‏"‏ ‏.‏ كَرِوَايَةِ يَحْيَى عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ ‏.‏
A hadith like this have been narrated on the authority of Nafi', who based his narrations of the words of Ibn 'Umar but with a slight variation of words

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · The Book of Wills

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।