सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 4199

नंबर 4199किताब 24, नंबर 37अरबी नंबरिंग 1625.12
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَإِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، - وَاللَّفْظُ لأَبِي بَكْرٍ قَالَ إِسْحَاقُ أَخْبَرَنَا وَقَالَ أَبُو بَكْرٍ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ عَمْرٍو، عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ يَسَارٍ، أَنَّ طَارِقًا، قَضَى بِالْعُمْرَى لِلْوَارِثِ لِقَوْلِ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
Sulaiman b. Yasir reported that Jabir gave this verdict. The inheritor has a right (to inherit) the life grant according to the statement of Jabir (b. 'Abdullah) (Allah be pleased with him) which he narrated from Allah's Messenger (ﷺ)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Gifts

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।