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सहीह मुस्लिम

नंबर 4193

नंबर 4193किताब 24, नंबर 31अरबी नंबरिंग 1625.06
حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ الْقَوَارِيرِيُّ، حَدَّثَنَا خَالِدُ بْنُ الْحَارِثِ، حَدَّثَنَا هِشَامٌ، عَنْ يَحْيَى بْنِ أَبِي كَثِيرٍ، حَدَّثَنِي أَبُو سَلَمَةَ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، قَالَ سَمِعْتُ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ، يَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ الْعُمْرَى لِمَنْ وُهِبَتْ لَهُ ‏"‏ ‏.‏
Jabir (b. 'Abdullah) (Allah be pleased with him) reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:Life grant is for one upon whom it is bestowed

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Gifts

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।