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सहीह मुस्लिम

नंबर 4132

नंबर 4132किताब 22, नंबर 171अरबी नंबरिंग 1610.01
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ أَيُّوبَ، وَقُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، وَعَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ، قَالُوا حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، - وَهُوَ ابْنُ جَعْفَرٍ - عَنِ الْعَلاَءِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ عَبَّاسِ بْنِ سَهْلِ بْنِ سَعْدٍ السَّاعِدِيِّ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ زَيْدِ بْنِ عَمْرِو بْنِ نُفَيْلٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنِ اقْتَطَعَ شِبْرًا مِنَ الأَرْضِ ظُلْمًا طَوَّقَهُ اللَّهُ إِيَّاهُ يَوْمَ الْقِيَامَةِ مِنْ سَبْعِ أَرَضِينَ ‏"‏ ‏.‏
Sa'id b. Zaid b. 'Amr b. Nufail (Allah be pleased with them) reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:He who wrongly took a span of land, Allah shall make him carry around his neck seven earths

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Musaqah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।