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सहीह मुस्लिम

नंबर 4125

नंबर 4125किताब 22, नंबर 164अरबी नंबरिंग 1606
حَدَّثَنَا زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، حَدَّثَنَا أَبُو صَفْوَانَ الأُمَوِيُّ، ح وَحَدَّثَنِي أَبُو الطَّاهِرِ، وَحَرْمَلَةُ، بْنُ يَحْيَى قَالاَ أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ، كِلاَهُمَا عَنْ يُونُسَ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنِ ابْنِ الْمُسَيَّبِ، أَنَّسَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ الْحَلِفُ مَنْفَقَةٌ لِلسِّلْعَةِ مَمْحَقَةٌ لِلرِّبْحِ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira (Allah be pleased with him) said he heard Allah's Messenger (ﷺ) as saying:Swearing produces a ready sale for a commodity, but blots out the blessing

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Musaqah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।