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सहीह मुस्लिम

नंबर 3985

नंबर 3985किताब 22, नंबर 24अरबी नंबरिंग 1558.02
وَحَدَّثَنَاهُ إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، أَخْبَرَنَا عُثْمَانُ بْنُ عُمَرَ، أَخْبَرَنَا يُونُسُ، عَنِ الزُّهْرِيِّ،لا عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ كَعْبِ بْنِ مَالِكٍ، أَنَّ كَعْبَ بْنَ مَالِكٍ، أَخْبَرَهُ أَنَّهُ، تَقَاضَى دَيْنًا لَهُ عَلَى ابْنِ أَبِي حَدْرَدٍ بِمِثْلِ حَدِيثِ ابْنِ وَهْبٍ ‏.‏
The above hadith is narrated through another chain with a slight variation of words at the begining and the rest is of the hadith is the same

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Musaqah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।