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सहीह मुस्लिम

नंबर 3961

नंबर 3961किताब 21, नंबर 160अरबी नंबरिंग 1550.05
وَحَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الدَّارِمِيُّ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ جَعْفَرٍ الرَّقِّيُّ، حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ عَمْرٍو، عَنْ زَيْدِ بْنِ أَبِي أُنَيْسَةَ، عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ أَبِي زَيْدٍ، عَنْ طَاوُسٍ، عَنِ ابْنِ، عَبَّاسٍ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ كَانَتْ لَهُ أَرْضٌ فَإِنَّهُ أَنْ يَمْنَحَهَا أَخَاهُ خَيْرٌ ‏"‏ ‏.‏
Ibn Abbas (Allah be pleased with them) reported Allah's Apostle (ﷺ) as saying:He who has land, it is better for him that he should let it out to his brother

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।