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सहीह मुस्लिम

नंबर 3959

नंबर 3959किताब 21, नंबर 158अरबी नंबरिंग 1550.03
حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ، حَدَّثَنَا الثَّقَفِيُّ، عَنْ أَيُّوبَ، ح وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَإِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ جَمِيعًا عَنْ وَكِيعٍ، عَنْ سُفْيَانَ، ح وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رُمْحٍ، أَخْبَرَنَا اللَّيْثُ، عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، ح وَحَدَّثَنِي عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ، حَدَّثَنَا الْفَضْلُ بْنُ مُوسَى، عَنْ شَرِيكٍ، عَنْ شُعْبَةَ، كُلُّهُمْ عَنْ عَمْرِو بْنِ دِينَارٍ، عَنْ طَاوُسٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ‏.‏ نَحْوَ حَدِيثِهِمْ ‏.‏
A hadith like this has been transmitted on the authority of Ibn Abbas (Allah be pleased with them)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।