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सहीह मुस्लिम

नंबर 3942

नंबर 3942किताब 21, नंबर 141अरबी नंबरिंग 1547.08
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا حُسَيْنٌ، - يَعْنِي ابْنَ حَسَنِ بْنِ يَسَارٍ - حَدَّثَنَا ابْنُ، عَوْنٍ عَنْ نَافِعٍ، أَنَّ ابْنَ عُمَرَ، كَانَ يَأْجُرُ الأَرْضَ - قَالَ - فَنُبِّئَ حَدِيثًا عَنْ رَافِعِ بْنِ خَدِيجٍ - قَالَ - فَانْطَلَقَ بِي مَعَهُ إِلَيْهِ - قَالَ - فَذَكَرَ عَنْ بَعْضِ عُمُومَتِهِ ذَكَرَ فِيهِ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُ نَهَى عَنْ كِرَاءِ الأَرْضِ ‏.‏ قَالَ فَتَرَكَهُ ابْنُ عُمَرَ فَلَمْ يَأْجُرْهُ ‏.‏
Nafi, reported that Ibn Umar (Allah be pleased with them) used to rent the land, and that he was conveyed the hadith transmitted on the authority of Rafi b. Khadij. He (the narrator) said:He then went to him along with me. He (Rafi) narrated from some of his uncles in which it was mentioned that Allah's Apostle (ﷺ) forbade the renting of land. Ibn 'Umar (Allah be pleased with them) then abandoned this practice of renting

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।