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सहीह मुस्लिम

नंबर 3939

नंबर 3939किताब 21, नंबर 138अरबी नंबरिंग 1547.05
وَحَدَّثَنَا أَبُو الرَّبِيعِ، وَأَبُو كَامِلٍ قَالاَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، ح وَحَدَّثَنِي عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، كِلاَهُمَا عَنْ أَيُّوبَ، بِهَذَا الإِسْنَادِ ‏.‏ مِثْلَهُ وَزَادَ فِي حَدِيثِ ابْنِ عُلَيَّةَ قَالَ فَتَرَكَهَا ابْنُ عُمَرَ بَعْدَ ذَلِكَ فَكَانَ لاَ يُكْرِيهَا ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of Ayyub and he made an addition in the hadith narrated by Ibn Ulayya in which he said:Ibn Umar abandoned it afterwards and he did not rent it (the land)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।