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सहीह मुस्लिम

नंबर 3935

नंबर 3935किताब 21, नंबर 134अरबी नंबरिंग 1547.01
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، وَأَبُو الرَّبِيعِ الْعَتَكِيُّ، قَالَ أَبُو الرَّبِيعِ حَدَّثَنَا وَقَالَ، يَحْيَى أَخْبَرَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ، عَنْ عَمْرٍو، قَالَ سَمِعْتُ ابْنَ عُمَرَ، يَقُولُ كُنَّا لاَ نَرَى بِالْخِبْرِ بَأْسًا حَتَّى كَانَ عَامُ أَوَّلَ فَزَعَمَ رَافِعٌ أَنَّ نَبِيَّ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم نَهَى عَنْهُ ‏.‏
Zaid b. Amr reported:I heard Ibn Umar (Allah be pleased with them) say: We did not see any harm in renting of the land, but as the first year was over Rafi' alleged Allah's Apostle (ﷺ) having forbidden that

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।