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सहीह मुस्लिम

नंबर 3914

नंबर 3914किताब 21, नंबर 113अरबी नंबरिंग 1536.09
وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَعَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، - وَهُوَ ابْنُ عُلَيَّةَ - عَنْ أَيُّوبَ، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ‏.‏ بِمِثْلِهِ غَيْرَ أَنَّهُ لاَ يَذْكُرُ بَيْعُ السِّنِينَ هِيَ الْمُعَاوَمَةُ ‏.‏
A hadith like this has been narrated on the authority of Jabir (Allah be pleased with him) from Allah's Apostle (ﷺ). but he made no mention of transactions years (ahead) implying Mu'awama

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।